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सिविल सर्जन स्टोर में भोपाल के दल की दबिश, तीन बोरे एक्सपायर्ड दवाइयां मिली
उज्जैन। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन स्टोर में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के एमपी पब्लिक हेल्थ कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल की टीम ने जांच की। यहां से तीन बोरा भरकर एक्सपायरी डेट की दवाइयां मिली हैं। इन्हें डेढ़ साल पहले खरीदा गया था। इन्हें न अस्पतालों में भिजवाया और न वापस की गई। टीम उज्जैन में ही रुकी है, गुरूवार को भी जांच करेगी।
दल अचानक दोपहर 1.30 बजे सिविल सर्जन स्टोर पहुंचा। उन्होंने स्टॉक चेक किया। जब कमरों के ताले खुलवाएं तो दवाइयों के कार्टून मिले। उनमें सर्दी-खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त, बेंडेज, एंटी बॉयोटिक व एंटी एलर्जिक आदि दवाइयां व सामग्री पाई गई। यह सिंहस्थ के समय खरीदी बताई जा रही है। स्टोर के स्टाफ ने कहा कि यह हमारे समय की नहीं है। टीम ने रिपोर्ट बनाई है, जो मुख्यालय भोपाल को सौंपी जाएगी। कार्पोरेशन के हेड पंकज जैन के आदेश पर हिमांशु, चट्टोपाध्याय व शादाब तथा अन्य अधिकारी आए थे। वे बाद में सीएमएचओ स्टोर भी पहुंचे थे। शाम सात बजे तक जांच चलती रही। उनका कहना था कि स्टोर का वार्षिक वेरिफिकेशन करने आए हैं। जांच से पता चला सिंहस्थ में बगैर अनुमोदन में 1.47 करोड़ की दवाइयां खरीदी थीं। टीम ने स्टोर के स्टाफ के मोबाइल बंद करवा दिए। कम्प्यूटर ऑपरेटरों को बाहर कर दिया। वीडियो भी बनाया है।
सीएमएचओ स्टोर में भी टीम ने पड़ताल की, यहां दवाइयों के बक्से मिले। कई दवाइयां साफ्टवेयर में दर्ज नहीं थी। स्टोर में शराब की बोतलें भी मिली हैं। सिविल सर्जन डॉ एमएल मालवीय के अनुसार टीम गुरुवार को भी जांच करेगी।